नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में रथयात्रा निकालने को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची भाजपा के लिए राहत भरी ख़बर आई है।
साल के पहले दिन ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राफेल मामले पर अपनी बात रखी और कहा था कि राफेल पर मुझ पर व्यक्तिगत आरोप नहीं, सरकार पर आरोप हैं.
नए साल पर मोदी सरकार ने देशवासियों को तोहफा दिया है. सरकार ने गैस सिलेंडर की कीमत में कटौती करने का फैसला लिया है, जिससे जनता को बड़ी राहत मिलेगी. सरकार का यह फैसला 1 जनवरी 2019 से लागू हो जाएगा.
नई दिल्ली। सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले को लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कांग्रेस का घेराव किया है। अपने फेसबुक पोस्ट के जरिए जेटली ने कुख्यात गैंगस्टर सोहराबुद्दीन के मारे जाने पर उठाए गए सवालों को लेकर कांग्रेस को निशाने पर लिया है।
नई दिल्ली। भूटान के प्रधानमंत्री डॉ. लोटे शेरिंग ने उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू से मुलाकात की।
नई दिल्ली: मोदी सरकार (Modi Govt) ने अपने कार्यकाल में अब तक सरकारी योजनाओं के प्रचार प्रसार में कुल 5245.73 करोड़ रुपये खर्च किए हैं. दरअसल, केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने गुरुवार को लोकसभा में संबोधित करते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार में कुल 5245.73 करोड़ रुपये खर्च किए हैं. यह धनराशि वर्ष 2014 से लेकर सात दिसंबर 2018 तक की अवधि के दौरान खर्च हुई है.
नई दिल्ली। राष्ट्रपति के सुरक्षा गार्डों की भर्ती में तीन जातियों पर ही विचार किए जाने पर दिल्ली हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है।
बिहार की 40 लोकसभा सीटों पर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (NDA) में तालमेल हो गया है. निश्चित रूप से इस बात में संदेह नहीं कि इसमें सबसे ज़्यादा फ़ायदा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड और रामविलास पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी को रहा है. इन दोनों को साथ रखने के लिए भाजपा ने सीटों और सांसदों दोनो की गठबंधन धर्म निभाने के लिए क़ुर्बानी दी. सबसे ज़्यादा फ़ायदे में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दिखते हैं जिनकी पार्टी जेडीयू लोकसभा चुनाव में मात्र दो सीटें जीती थीं लेकिन इस बार बाद सत्रह सीटों पर चुनाव लड़ेगी. आज से ढाई महीने पहले तक किसी को उम्मीद भी नहीं थी कि बीजेपी नीतीश कुमार को बराबर के फ़ॉर्मूले पर 17 सीटें देने पर राज़ी हो जाएगी. लेकिन आप इसे नीतीश की राजनीतिक हैसियत कहें या वर्तमान परिस्थिति में भाजपा को उस ज़मीनी हक़ीक़त का अहसास. भाजपा ने नीतीश की सिर्फ इसी इच्छा को नहीं माना, बल्कि पहले जीतन राम माँझी को और बाद में उपेंद्र कुशवाहा को एनडीए से भी बाहर का रास्ता दिखा दिया.
बिहार में राजग की संयुक्त ताकत के खिलाफ दिल्ली में पांच दलों की एकता के एलान के बाद महागठबंधन में अब सीटों की हिस्सेदारी पर चर्चा-ए-आम है। अगले कुछ दिनों में समन्वय समिति की बात आगे बढ़ेगी। चुनाव के मुद्दे भी तय किए जाएंगे। घटक दल अपने-अपने संभावित प्रत्याशियों को नाप-तौल कर सीटों की दावेदारी करेंगे। महत्वपूर्ण बात यह कि ये सारी कवायद खरमास के बाद होगी। अभी सभी दल आत्ममंथन करेंगे।
कलकत्ताः कलकत्ता हाईकोर्ट ने बीजेपी की प्रस्तावित गणतंत्र बचाओ रथयात्रा को मंजूरी दे दी है, जो कि राज्य सरकार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. जिसके चलते अब ममता सरकार हाईकोर्ट के एकल बेंच के इस फैसले के खिलाफ डिवीजन बेंच के पास पहुंची है.